हुआ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “विश्व युद्ध के बाद हुए समझौते का आदर किया जाना चाहिए।”
इससे पहले एक जापानी अधिकारी तोशिहीरो एकी ने कहा था कि द्वितीय विश्वयुद्ध के सभी परिणामों को अभिव्यक्त नहीं किया गया है और दोनों देशों के बीच क्षेत्र संबंधी विवाद सुलझाने की जरूरत है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने बाद में बयान पर खेद जताते हुए कहा कि जापानी पक्ष ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा है।
रूस व जापान चार प्रशांत द्वीपों, जिसे जापान में उत्तरी क्षेत्र और रूस में दक्षिणी कुरिल्स के नाम से जाना जाता है, को लेकर लंबे समय से विवाद है, जिससे द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद दोनों देशों के बीच शांति समझौते को बाधा पहुंची है।
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