तुर्की में नवंबर 2015 में रूसी युद्धविमान को मार गिराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच तनाव के आठ महीने बाद इस पाबंदी को हटाया गया है।
इस कदम के बाद बड़ी संख्या में रूसी विमानन कंपनियों ने तुर्की जाने के लिए देश के वायु परिवहन प्रशासन को आवेदन भेजने शुरू कर दिए थे।
रूस सरकार विमानों ने दोनों देशों के बीच चार्टर विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का प्रस्ताव पेश किया है।
रूस ने तुर्की में उसके युद्धविमान को मार गिराए जाने के बाद से ही तुर्की के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिसमें तुर्की के खाद्यान्नों के आयात पर प्रतिबंध, दोनों देशों में चार्टर विमानों के आवागमन पर प्रतिबंध भी शामिल हैं।
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