रेल बजट से बिहार को बड़ी उम्मीदें

पटना, 25 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के लोगों को केंद्र सरकार के रेल बजट से बहुत उम्मीदें हैं। उन्हें नई रेलगाड़ियों की, स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की और अटकी पड़ी रेल परियोजनाओं के जल्द पूरा होने की आस है।

पटना, 25 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के लोगों को केंद्र सरकार के रेल बजट से बहुत उम्मीदें हैं। उन्हें नई रेलगाड़ियों की, स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की और अटकी पड़ी रेल परियोजनाओं के जल्द पूरा होने की आस है।

पूर्व रेल मंत्री रामविलास पासवान, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू हुई बिहार की कई रेल परियोजनाएं अभी भी अटकी पड़ी हैं।

बिहार के लोगों का आरोप है कि पिछले दो-तीन वर्षो से रेल बजट में लगातार बिहार की उपेक्षा हो रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान जब रेल मंत्री थे, तब बिहार के लिए कई रेल परियोजनाओं की घोषणा की गई थी और कई महत्वपूर्ण रेलगाड़ियां भी मिलीं, लेकिन उसके बाद बिहार को रेल मंत्रालय से कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है।

बिहार में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद का ड्रीम प्रोजेक्ट मधेपुरा विद्युत इंजन कारखाना अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इस परियोजना को 2010 में ही पूरा हो जाना था। परियोजना के लिए 1,116 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, लेकिन अब तक एक-चौथाई भूमि का अधिग्रहण भी नहीं हो पाया है।

वर्ष 2006 में छपरा के रेल पहिया संयंत्र को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब तक इसका अता-पता नहीं है। 31 जुलाई, 2010 तक बनकर तैयार हो जाने वाले इस कारखाने में प्रतिवर्ष एक लाख पहिया बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

इसी तरह हरनौत रेल कारखाना आज तक धरातल पर नहीं उतर सका है। मुंगेर में गंगा नदी पर निर्माणाधीन रेल सह सड़क पुल का निर्माण कार्य भी 70 फीसदी से ज्यादा हो चुका है, लेकिन यह बीच में ही रुका पड़ा है।

इसके अलावा बिहटा-औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-जयनगर, सीतामाढ़ी-जयनगर-निर्मली, हाजीपुर-मोतीपुर, मधेपुरा-प्रतापगंज जैसी नई रेल लाइनों से संबंधित कई परियोजनाएं भी अटकी हुई हैं।

रेल आंदोलन सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक प्रताप कुमार सिन्हा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है, जिसमें बिहार की तमाम परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने और इसके लिए धनराशि मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है।”

पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एन.के.क़े चौधरी का कहना है कि बिहार रेल क्षेत्र में अभी काफी पिछड़ा हुआ है। बिहार का एक बड़ा क्षेत्र नेपाल से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए इन क्षेत्रों में रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ाना काफी जरूरी है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मंगलवार को भागलपुर में यह कहकर बिहार की जनता की उम्मीदें बढ़ा दी है कि केंद्र सरकार के रेल बजट में बिहार को कई तोहफे मिलने वाले हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493