उपसहायक आयुक्त नील बसु और ब्रिटेन आतंकवाद रोधी पुलिस के वरिष्ठ राष्ट्रीय समन्वयक ने बताया कि इस बात के भी कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि ब्रिटेन की जेल में जेल काटने के दौरान मसूद इन कट्टरपंथियों के संपर्क में आया हो।
बसु ने कहा कि इसके बारे में बहुत संदेह जताया जा रहा है कि इस हमले से पहले मसूद किसके संपर्क में था।
गौरतलब है कि लंदन हमले में चार लोगों की मौत हो गई थी जिसमें लंदन पुलिस का एक जवान भी शामिल था। हालांकि, पुलिस कार्रवाई में मसूद मारा गया था।
बसु ने बताया, “हालांकि, मसूद का हमला करने के तरीका उन अन्य हमलों जैसा ही है जिन्हें अन्य देशों में अंजाम दिया गया और इन हमलों को अंजाम देने वाले शख्स आईएस से जुड़े हुए थे लेकिन इन सबके बावजूद इन आतंकवादी संगठनों से मसूद के जुड़े होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।”
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