नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 12वीं बार संबोधित कर रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने देश के सामने देश की ताकत और चुनौतियों पर चर्चा की. उन्होंने रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होते भारत की तारीफ की और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के संकल्प को यहां दोहारया. उन्होंने हाल ही में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में दिखाए पराक्रम को भी याद करते हुए बताया कि यह नया भारत है और इसने दुश्मन को सबक सिखाने के लिए नया नॉर्मल का पैमाना स्थापित किया है. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की बढ़ती ताकत के बारे में बताया और ग्लोबल वॉर्मिंग पर चिंतित दुनिया को भारत की प्रगति की तस्वीर पेश की.
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां कहा कि हमने ग्लोबल वॉर्मिंग को ध्यान में रखते हुए यह लक्ष्य रखा था कि भारत 2030 तक अपनी ऊर्जा के इस्तेमाल में 50 फीसदी ऊर्जा के लिए क्लीन एनर्जी का प्रयोग करेगा. लेकिन यह हमारे देश की ताकत देखिए कि हमने यह लक्ष्य 2025 तक ही प्राप्त कर लिया है. यह दिखाता है कि हम दुनिया और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार हैं. सजग हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें अब अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता सीमित करनी होगी. पेट्रोल, डीजल और गैस के आयात में हमें लाखों करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं. इस पैसे को बचाएंगे तो यह पैसा युवा, किसानों और रिसर्च के क्षेत्र में काम आएगा. इसके लिए हमने समुद्र की गहराइयों में मौजूद तेल और गैस के भंडार ढूंढने का कार्यक्रम शुरू किए है. हम इस क्षेत्र में खोज को तेजी से कर रहे हैं और जल्दी ही हम अपने क्षेत्र में तेल और गैस के ये भंडार खोजकर अपनी जरूरतों को पूरा करेंगे.
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