लाहौर, 13 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के लाहौर में सबसे पुरानी सूफी दरगाह के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में मरने वालों की संख्या एक अन्य घायल नागरिक के मरने की वजह से बढ़कर 13 हो गई है।
ताहिर असलम (18) नजदीक के एक दुकान पर काम कर रहा था जब एक पुलिस गश्ती वाहन के पास विस्फोट हुआ। यह पुलिस गश्ती वाहन बुधवार को दाता दरबार दरगाह के प्रवेश द्वार के बाहर खड़ा था।
डॉन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, वह गंभीर रूप से घायलों में शामिल था। उसकी रविवार को अस्पताल में मौत हो गई। इस बम विस्फोट में छह पुलिस कर्मियों व सात नागरिकों की मौत हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दैनिक से कहा कि अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हमले की जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने लाहौर के गढ़ी साहू इलाके से दाता दरबार हमले के अब तक पांच संदिग्ध सहायकों को गिरफ्तार किया है। सीटीडी ने एक चाय की दुकान पर छापेमारी के बाद इन्हें गिरफ्तार किया है। लेकिन, कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है।
दरगाह पर हमले की जिम्मेदारी हिजबुल अहरार ने ली है। यह पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुआ गुट है।
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