पिछले ढाई साल से लेबनान के राष्ट्रपति का पद रिक्त था। सोमवार को 81 वर्षीय औन ने इस स्थान को ग्रहण किया। ईसाई समुदाय से संबंध रखने वाले औन पूर्व सेना प्रमुख हैं। राष्ट्रपति पद पर उनकी नियुक्ति पर संसद ने मुहर लगाई थी। वह लेबनान के 13वें राष्ट्रपति बने हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के अनुसार, बान की मून ने लेबनान से बिना किसी देरी के सरकार गठन का आग्रह किया और समय पर संसदीय चुनाव कराने पर जोर दिया।
बयान में कहा गया है, “संयुक्त राष्ट्र को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के समर्थन से राष्ट्रपति औन तथा लेबनान के अधिकारियों के साथ काम करने का इंतजार है, ताकि लेबनान अपनी सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखे और सामाजिक आर्थिक क्षेत्र में सुधार करे।”
पूर्व राष्ट्रपति मिशेल सुलेमान के कार्यकाल की समाप्ति के बाद मई, 2014 से राष्ट्रपति पद रिक्त था। सुलेमान ने छह साल तक देश के राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला।
सुलेमान के कार्यकाल की समाप्ति के बाद से लेबनान संसद में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए करीब 45 सत्र हुए, लेकिन सभी असफल रहे।
संसद के अध्यक्ष नबीह बैरी की ओर से आयोजित 46वें सत्र में मतदान के लिए 128 में से 127 सांसद शामिल रहे। औन को 83 वोट मिले थे।
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