नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने आगामी अंतरिम बजट में चुनाव पूर्व लोकलुभावन घोषणाओं को लेकर चेताया है और कहा है कि इससे सरकार लगातार दूसरे साल राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूक जाएगी।
नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने आगामी अंतरिम बजट में चुनाव पूर्व लोकलुभावन घोषणाओं को लेकर चेताया है और कहा है कि इससे सरकार लगातार दूसरे साल राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूक जाएगी।
फिच रेटिंग की एक नोट के मुताबिक, वोटरों को लुभाने के लिए सरकार पर नए व्यय का दवाब है, खासतौर से ग्रामीण और छोटे व्यापारियों के लिए। क्योंकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी आम चुनावों में जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है।
30 जनवरी को तैयार किए गए इस परचे में कहा गया, “भाजपा हालिया विधानसभा चुनावों में कई राज्यों में सत्ता से बाहर हो गई, क्योंकि ग्रामीण संकट में हैं और लोगों को रोजगार की चिन्ता है।”
परचे में आगे कहा गया, “संभावना है कि लक्षित नगदी कार्यक्रम के जरिए मदद मुहैया कराई जाएगी, क्योंकि वे विकल्प के नकारात्मक जोखिम से बचाते हैं, जैसे अतीत में कृषि कर्ज छूट से कर्ज पुर्नभुगतान संस्कृति क्षीण हुई थी।”
नोट के मुताबिक, लोकलुभावन व्यय से राजकोषीय घाटे पर दवाब बढ़ेगा, जोकि वित्त वर्ष 2018-19 में कर संग्रह में कमी से पहले से ही दवाब में है।
इसमें कहा गया, “नई जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से प्राप्त राजस्व लक्ष्य से कम रहा है।”
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