20 साल बाद आया ऐसा योग
4 फरवरी को वासंती पर्व मनाया जाएगा। इस बार वसंत पंचमी पर शहनाई और बैंडबाजा, बरात के लिए विशेष संयोग बन रहा है। क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रेवती नक्षत्र, सिद्धि योग और साध्य योग बन रहा है। ज्योतियों के अनुसार पंचमी 3 फरवरी की दोपहर 2.35 बजे से अगले दिन 4 फरवरी तक दोपहर 1.02 बजे तक रहेगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रेवती नक्षत्र, सिद्धि योग और साध्य योग बन रहा है। यह योग लगभग 20 साल बाद आ रहा है। रेवती नक्षत्र दिनभर रहेगा। सालों बाद अबूझ मुहूर्त में परिणय सूत्र बंधने के लिए इस तरह का दोष रहित संयोग बना है। वहीं दूसरी ओर परिणय सूत्र में बंधने के लिए यह दिन श्रेष्ठ है। क्योंकि किसी भी जातक में यदि लता दोष, पत्ता दोष, गुरु दोष, सूर्य दोष, चंद्र दोष हो, तब भी विवाह हो सकता है। इसका कारण त्रिबल सिद्धि योग बन रहा है।
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