प्रधानमंत्री ली केकियांग की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक, इस नीति का मकसद डिजाइन और क्षमता बेहतर करना और लागत घटाना है और इसका फायदा बल्ब निर्माण, कपड़ा, इस्पात और निर्माण सामग्री तथा अन्य क्षेत्रों को मिलेगा, जिसे चीन के उद्योगों के लिए तैयार ‘मेड इन चाइना 2025’ योजना में शामिल किया गया है।
बयान के मुताबिक, चीन इन क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा देगा और वित्तीय मदद करेगा।
मंत्रिमंडल ने लालफीताशाही कम करने का भी वादा किया और सैकड़ों पुरानी प्रशासनिक प्रक्रियाएं समाप्त कर दी।
बैठक में अनिवार्य शिक्षा के लिए स्कूल सब्सिडी बढ़ाने और विद्यार्थियों के विविध शुल्क समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया, जो 2017 के वसंत सत्र से लागू होगा।
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