यह शोध सोमवार को विज्ञान पत्रिका ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकेडमी ऑफ साइंसेज ऑफ द युनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ में प्रकाशित हुआ है। टोरंटो यूनिवर्सिटी की कैटी डिसेलेस और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के मिशेल नोर्टन ने यह शोध किया है।
शोध में सामने आया कि विमान यात्रा के दौरान भीड़भाड़, शराब का सेवन और लंबी उड़ान जैसे अन्य कारकों की तुलना में विमान में ‘वर्ग विभेद’ गुस्सा या खीझ पैदा करने की मुख्य वजह होता है।
शोध में पाया गया कि उड़ान में नौ घंटे की देरी की तुलना में विमान में फर्स्ट-क्लास कंपार्टमेंट होने से क्रोध बढ़ने संबंधी घटनाएं होने की संभावना चार गुना अधिक होती हैं।
डिसेलेस ने कहा कि विमान यात्रा संचालनकर्ताओं को एक सुझाव है कि वे दोहरी-द्वार बोर्डिग प्रणाली का उपयोग करें। उन्होंने इसकी वजह समझाते हुए कहा, “आप विमान में यात्रियों को चढ़ाने के लिए उन दोहरे दरवाजों का जितना प्रयोग करेंगे, उतना ही ज्यादा फर्स्ट क्लास कैबिन को इकनॉमिक कैबिन से अलग रख सकेंगे और इस तरह यात्रा के दौरान दोनों केबिन में कम गुस्सा देखने को मिलेगा।”
dharmpath.com dharmpath