नई दिल्ली, 14 नवंबर (आईएएनएस)। देश के कई विपक्षी दल सोमवार को सरकार के 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को अवैध घोषित करने के फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए।
संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में विमुद्रीकरण को मुद्दा बनाने के लिए रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से ये विपक्षी दल मंगलवार को भी बैठक करेंगे।
सोमवार को तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के सरकारी आवासर पर बैठक की।
भाकपा के वरिष्ठ नेता डी. राजा ने आईएएनएस से कहा, “विमुद्रीकरण की घोषणा जिस अंदार और तैयारी के साथ की गई उसकी सभी दलों ने निंदा की। हम काले धन के खिलाफ लड़ाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार के इस कदम से रोज मजदूरी कर घर चलाने वाली आम जनता को बहुत ज्यादा कष्ट हो रहा है।”
विपक्षी दल के ये नेता मंगलवार को अपराह्न 2.0 बजे फिर से बैठक करेंगे और शीतकालीन सत्र में विमुद्रीकरण पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे।
विपक्षी दलों की इस बैठक में हिस्सा लेने वाले प्रमुख नेताओं में शरद यादव, सीताराम येचुरी, सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, डी. राजा, प्रेमचंद गुप्ता, सुशील कुमार और एम. राजामोहन रेड्डी शामिल थे।
इनके अलावा आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्य सभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा भी बैठक में मौजूद रहे।
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