विविधता वाले होते हैं भूमिजीव

न्यूयार्क, 9 अगस्त (आईएएनएस)। जमीन पर रहने वाले जीव-जंतु पानी में रहने वाले जीवों के मुकाबले अधिक विविधता वाले होते हैं। यह बात एक शोध में सामने आई है।

उदाहरण के लिए, कशेरुकी जंतुओं में लंगफिश की मात्र 6 प्रजातियां मगरमच्छों की 25 प्रजातियां होती हैं, जबकि भूमिजीवों में मोटे तौर पर पक्षियों की 10,000 और छिपकलियों तथा सांपों की 9,700 प्रजातियां होती हैं।

कशेरुकी जंतुओं की विविधताओं में किए गए अध्ययन से पता चला है कि जहां तक प्रजातियों की संख्या में विविधता का संबंध है, इसमें जमीन पर रहने वाले जंतु पानी में रहने वाले जंतुओं के मुकाबले अधिक हैं।

अमेरिका की अरिजोना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन विन्स ने कहा, “मैंने पाया कि प्रजातियों में सबसे अधिक विविधता की एक सरल व्याख्या है, भू्मि पर रहने वाले जीव जलीयजीवों से अधिक तेजी से जन्म लेते हैं।”

विन्स ने पाया कि विविधीकरण दर उम्र के तौर पर समूह में विभाजित प्रजातियों की संख्या के समान है। इस प्रकार से विन्स को अधिक विविधता पाने वाली प्रजातियों की तुलना करना आसान लगा।

विन्स ने बताया, “उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो पक्षियों की प्रजाति की विविधता अधिक है और इसकी तुलना में पानी में रहने वाली शार्क और रेज की प्रजाति की विविधता कम है।”

इस अध्ययन को पत्रिका ‘बायोलॉजी लेटर्स’ में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है।

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