वैश्विक स्तर पर चीता की आबादी घटी

अमेरिकी जर्नल ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि वैश्वि स्तर पर चीता की आबादी घटकर सिर्फ 7,100 रह गई है।

नतीजन शोधकर्ताओ ने चीता को ‘विलुप्त होती संकटग्रस्त प्रजाति’ के रूप में सूचीबद्ध करने की अपील की है।

जूलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन से जुड़ी इस अध्ययन की मुख्य लेखिका सारा दुरांत ने कहा कि यह शोध चीता की स्थिति को लेकर अब तक की सबसे व्यापक विश्लेषण का प्रतिनिधित्व करता है।

दुरांत ने अपने बयान में कहा, “रहस्यमयी स्वभाव के कारण इन प्रजातियों के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल है, जिससे इनकी दुर्दशा हो रही है और इनकी अनदेखी हो रही है।”

शोधकर्ताओं के मुताबिक, अभयारण्यों में पहरे लगे होने पर भी चीता को इंसानों से खतरा है। लोग उनका अवैध शिकार करते हैं, उनके अंगों और खाल की तस्करी करते हैं।

चीतों का 77 फीसदी निवास स्थान संरक्षित क्षेत्रों से बाहर होता है, जिससे इंसानों और चीतों के बीच संघर्ष को बढ़ावा मिलता है।

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