नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। व्यापार मेले में झारखंड पवेलियन में इसकी जीती-जागती मिसाल देखने को मिल रही है। मेले में आने वाले दर्शक झारखंड पवेलियन में वहां की कला और संस्कृति से परिचित होने के साथ-साथ उसका हिस्सा बनना भी पसंद कर रहे हैं।
प्रगति मैदान में जारी 36वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड अपनी कला और संस्कृति के चलते दर्शकों में काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बानगी खादी स्टॉल पर लाइव बनाई जा रही लाख की चूड़ियों और झारखंड के लोकनृत्य छउ के प्रदर्शन दौरान साफ तौर पर देखी जा रही है।
झारखंड के कारीगरों की एक टीम सुबह से शाम तक लाख की चूड़ियां बनाने में जुटी है। ये लोग दर्शकों की डिमांड और व्यापारियों के आर्डर के मुताबिक माल तैयार कर रहे हैं। कारीगरों ने बताया कि वे यहां आने वाले दर्शकों के हाथों का साइज लेने के 10 मिनट के अंदर ही उनकी पसंद की चूड़ियां बनाकर उन्हें बेच रहे हैं। एक सेट की कीमत 50 रुपये रखी गई है। दर्शकों के लिए आंखों के सामने ही चूड़ियां बनते देखना एक नया अनुभव है।
वहीं, झारखंड के लोकनृत्य छउ और नागपुरी डांस की परफॉरमेंस के दौरान भी दर्शकों में काफी जोश का माहौल देखने को मिल रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कलाकारों की परफॉरमेंस के बाद पवेलियन में मौजूद दर्शक भी कलाकारों को इन नृत्यों के स्टेप्स सीखने की जिद कर रहे हैं। स्टेप्स सीखने के बाद दर्शक कलाकारों के साथ झारखंड के लोकगीतों पर पूरी मस्ती से थिरक भी रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath