व्हाइट हाउस ने बुधवार को एक बयान में कहा, “संपर्क एक बड़े अवसर का मार्ग है।”
बयान के अनुसार, “आज का युग एक डिजिटल युग है। कम आय वाले अमेरिकियों के लिए इन उपकरणों का इस्तेमाल कठिन है। वहीं बेरोजगार लोगों को इंटरनेट की सुविधा के अभाव में रोजगार ढूंढ़ने में परेशानी आती है।”
इस उपक्रम का नाम कनेक्ट ऑल है। व्हाइट हाउस ने कहा कि वह फेडरल कम्यूनिकेशन कमीशन (एफसीसी) के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, जिसके तहत प्रति वर्ष 1.5 बिलियन फोन सब्सिडी को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड सब्सिडी में परिवर्तित कर दिया जाए, ताकि कम आय वाले अमेरिकियों को भी इंटरनेट की सुविधा प्राप्त हो सके।
‘लाइफलाइन’ नामक इस कार्यक्रम को सबसे पहले तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने कम आय वाले अमेरिकियों को फोन सेवा देने के लिए शुरू किया था। इसे अपडेट करते हुए साल 2005 में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मोबाइल फोन सेवा को शामिल कर दिया था। इसे परिवर्तित करते हुए अब इसमें इंटरनेट सेवा को शामिल किया जाएगा।
व्हाइट हाउस के अनुसार, “अब 2016 में, जब हम संवाद के लिए पहले से कहीं अधिक इंटरनेट का उपयोग करने लगे हैं। इसलिए अब इस लाइफलाइन सेवा को आधुनिकीकरण करते हुए सभी अमेरिकियों तक ब्रॉडबैंड सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”
वर्तमान में अमेरिकी के तीन-चौथाई परिवार इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। इस संख्या में साल 2001 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
dharmpath.com dharmpath