शिवराज की राजनैतिक राहों में कांटे बिछाते उनके साले संजय:बने भाजपा के स्वयंभू प्रवक्ता

M_Id_434787_BJPअनिल सिंह (भोपाल)- भाजपा कार्यालय के प्रांगण में , दीनदयाल परिसर में संगठन के विचारकों,पुरनियों के सिद्धांतों,विचारोंका तथा वर्तमान  भाजपा अध्यक्ष और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेशों का मखौल उड़ाते हुए शिवराज सिंह के विवादित साले साहब श्री संजय सिंह मसानी जी.

इनकी राजनीतिक इच्छाशक्ति ने संगठन की मर्यादाओं को तोडा
पिछले कई दिनों से संजय सिंह राजनीति मे सक्रिय होने को बेताब नजर आ रहे हैं,इस हेतु उन्हें माहोल मिला है शिवराज जी का मुख्यमंत्री होना.लेकिन उन्होने संगठन की विचारधारा,श्रम और मर्यादित व्यवहार को ताक पर रखकर राजनैतिक पायदान पर शॉर्टकट पर कदम बढ़ाना शुरू किया है.
दीनदयाल परिसर के प्रांगण मे राजनीतिक बयानबाजी की संजय सिंह ने 
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नाकारा उद्बोधित किया और राहुल गाँधी को अनुभवहीन बताया,इस बयान को देते समय उनके साथ और पीछे रमेश शर्मा”गुट्टू भैय्या” तथा अन्य कार्यकर्ता खड़े हुए थे,कई जमीनी कार्यकर्ता इस अवसर पर संजय सिंह का रुतबा देख कर आहें भर रहे थे तथा अपने कार्यकाल के समय की मेहनत को कोस रहे थे.
भाजपा अध्यक्ष के आदेशों के चीथड़े उड़ा दिये दीनदयाल परिसर मे 
संजय सिंह ने वो कर दिखाया जिसकी हिम्मत आम कार्यकर्ता तो क्या विचारधारा से पोषित कोई वरिष्ठ पदाधिकारी भी नहीं कर सकता भाजपा में,जी हाँ अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के आदेशानुसार पार्टी की लाइन अनुसार प्रवक्ता नियुक्त हैं बयान देने हेतु,उनके अलावा और किसी को भी राजनीतिक बयान मीडिया मे देने हेतु अधिकृत नहीं किया गया है,लेकिन संजय सिंह ने राजनीतिक बयान किस हैसियत से भाजपा मुख्यालय के प्रांगण मे दिया चर्चा का विषय बना हुआ है.न तो संजय भाजपा के पदाधिकारी हैं और ना ही कार्यकर्ता उसमे तुर्रा यह की भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पीछे खड़े हुए थे.
संजय सिंह कई दिनों से मीडिया कार्यालयों की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए देखे गये हैं 
पिछले कई दिनों से संजय सिंह की सक्रियता मीडिया घरानों मे देखी जाने लगी है,इस कवायद का परिणाम मुख्यालय मे इस बयानबाजी के रूप में एक कदम है.पूरी प्लानिंग से इन्हे आगे किया गया है और इसके पीछे एक जुगाडू पदाधिकारी जो अपने कर्मों से घटते हुए रुतबे को लेकर चिंतित हैं तथा किसी तरह तिनके का सहारा पाना चाह रहे हैं इस तरह संजय सिंह को राजनीति मे स्थापित कर स्वयं का स्थान बचाना चाह रहे हैं.चाल तो उन्होने अच्छी चली लेकिन कई बड़े नेताओं का कॅरियर गर्त मे ले जाने मे जिनके ये विश्वस्त थे और इनकी दी गयी सूचनाओं से वे नेता मुसीबत मे घिर गये तथा उनका राजनीतिक ग्राफ नीचे गिरा आज अपने समय को रो रहे हैं.हाँ इन महाशय का बड़े मीडिया घरानों से खूब याराना है.लेकिन अपना कॅरियर बचाने के चक्कर मे भाईसाब ये भूल गये की यह कैडरबेस संगठन है ना की कोई अन्य द्ल.
कार्यालय प्रांगण मे संजय सिंह उत्साह मे एक पदाधिकारी को BDA अध्यक्ष बनाने का वादा करते भी सुने गये 
ये भाई साब बिना ताज के पद के नशे में इतना डूब गये थे कि एक कर्मठ जमीनी कार्यकर्ता को यह कहते सुने गये कि उसे BDA अध्यक्ष पद से नवाज देंगे यह वादा है

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493