न्यूयॉर्क, 15 मई (आईएएनएस)। विमान में सफर करते हुए अगर आपको भोजन रूचिकर नहीं लगता तो अगली बार टमाटर का जूस पीने की योजना बनाएं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अत्यधिक शोर वाले माहौल में हमारी स्वादेंद्रियां मीठी चीज की बजाय चटपटे टमाटर जूस के प्रति कहीं अधिक सक्रिय होती हैं।
कोर्नेल यूनिवर्सिटी में खाद्य विज्ञान के सहायक प्रोफेसर रोबिन डैंडो के अनुसार, “हम जहां खाना खाते हैं, उस वातावरण के बहुसंवेदी गुण या लक्षण, खाद्य पदार्थो के प्रति हमारी धारणा बदल सकते हैं।”
शोधकर्ताओं ने कहा कि शोर-शराबे वाले माहौल में ‘उमामी’ (चटपटे स्वाद वाले) से युक्त पौष्टिक आहार हमारी स्वाद कलिकाओं के पसंदीदा बन जाते हैं।
उमामी एक जापानी वैज्ञानिक शब्द है। उमामी, टमाटर के जूस जैसे खाद्य पदार्थ में अमीनो एसिड के चटपटे एवं मीठे स्वाद जैसे ग्लूटामेट को दर्शाता है।
डैंडो ने कहा, “हमारे शोध में पुष्टि हुई है कि शोर-शराबे वाले वातावरण में स्वाद को लेकर हमारी रूचियों में बदलाव हो जाता है। यह चीज खासतौर पर मीठे और उमामी से युक्त स्वाद के साथ होती है। मीठे के प्रति जहां हमारी रूचि घट जाती है, वहीं उमामी वाले स्वाद के प्रति हमारी रूचि काफी बढ़ जाती है।”
दिलचस्प बात यह है कि विमानन कंपनियां भी इससे इत्तेफाक रखती हैं।
जर्मन एयरलाइंस लुफ्थांसा के अनुसार, मुसाफिर टमाटर जूस का सेवन शराब के बराबर मात्रा में ही कर रहे हैं। लुफ्थांसा ने पिछली गर्मियों में उस निजी शोध को मान्यता दे दी, जिसमें दर्शाया गया था कि केबिन प्रेशर (दबाव) ने टमाटर के जूस का स्वाद बढ़ा दिया।
यह शोध ‘जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी : ह्यूमन परसेप्शन एंड परफॉरमेंस’ की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ है।
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