कोलंबो, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंकाई संसद में विपक्षी पार्टियों ने रिश्वतखोरी के आरोपों में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को सम्मन भेजे जाने के सरकार के कदम के खिलाफ सोमवार को हंगामा किया और कार्रवाई बाधित की।
राजपक्षे और उनके भाई तथा पूर्व रक्षा मंत्री गोटाबाया राजपक्षे को उनके एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय धांधली के मामले में 22 अप्रैल को ब्राइबरी कमीशन के सामने गवाही देने को कहा गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने शिकायत की कि ब्राइबरी कमीशन का पूर्व राष्ट्रपति और उनके भाई से इस तरह सवाल पूछना वाजिब नहीं है।
कमीशन राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की आलोचना करने वाला कथित जाली दस्तावेज पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टिसा अट्टानायके द्वारा पेश किए जाने के संबंध में भी राजपक्षे का बयान दर्ज करेगा।
प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने विरोध कर रहे सांसदों को आश्वस्त किया कि राजपक्षे को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी और सिर्फ उनका बयान दर्ज करने के लिए सम्मन जारी किया गया है।
dharmpath.com dharmpath