कोलंबो, 27 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका में गृहयुद्ध के दौरान लापता हुए लोगों के संबंध में आईं शिकायतों के की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित किया गया है। आयोग ने शनिवार को इस संबंध में नए सिरे से जांच शुरू कर दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आयोग के हवाले से बताया है कि इस संबंध में त्रिंकोमाली और मुतुर में मंगलवार तक जनता के साथ बातचीत की जाएगी।
आयोग के सचिव एच.डब्ल्यू.गुनदासा ने कहा कि इन क्षेत्रों से शिकायत कर रहे लोगों को मौखिक बयान दर्ज कराने के लिए आयोग के समक्ष पेश होने को कहा गया है।
आयोग ने इन क्षेत्रों से ताजा शिकायतें दर्ज कराने के लिए लोगों और समूहों को भी आमंत्रित किया है।
इस आयोग के सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर दी गई है। इस आयोग ने अप्रैल में राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के समक्ष अंतरिम रपट जमा करा दी थी।
एक जनवरी, 1983 से 19 मई, 2009 के दौरान कथित अपहरण और गुमशुदगी की जांच के लिए इस आयोग का गठन किया गया है।
तमिल अलगाववादी अभियान 1983 में शुरू हुआ था और सेना द्वारा तमिल टाइगर्स के खात्मे के साथ मई 2009 में इसका अंत हो गया था।
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