कोलंबो, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। श्रीलंका की नवगठित संसद का पहला सत्र मंगलवार को शुरू हुआ। बीते महीने हुए संसदीय चुनाव में युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) की जीत के बाद संसद का यह पहला सत्र है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यूएनपी के कारू जयसूर्या को संसद का नया अध्यक्ष चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रखा और श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के सांसद निमस सिरिपला डी सिल्वा ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद नए अध्यक्ष ने 225 सांसदों को शपथ दिलाई और सत्रारम्भ की घोषणा की।
बीते महीने हुए चुनाव में विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाले यूएनपी ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के युनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम अलायंस (यूपीएफए) को हराया था। यूएनपी को 106 सीटें और यूपीएफए को 95 सीटें मिली थीं। तमिल नेशनल अलायंस ने 16 सीटें जीती थी।
यूपीएफए के सबसे बड़े घटक एसएलएफपी ने नई सरकार के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। बीते महीने दोनों पार्टियों के बीच राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन पर समझौता हुआ था। एसएलएफपी और यूपीएफए के नेता राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना हैं।
राष्ट्रीय एकता सरकार के समझौते के बावजूद अभी तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है, क्योंकि मंत्री पद के मुद्दे पर मतभेद उभर आए हैं। एसएलएफपी और यूएनपी, दोनों की निगाहें महत्वपूर्ण पदों पर हैं।
प्रस्ताव रखा गया है कि यूएनपी के 30 और एसएलएफपी के 15 मंत्री हों, लेकिन यूपीएफए के राजपक्षे सहित कई सांसदों ने राष्ट्रीय एकता सरकार की नीति का विरोध किया और कहा कि वे विपक्ष में बैठेंगे।
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