तिरुवनंतपुरम- कन्नूर में संघ के कार्यकर्ता की मौत के 13 दिनों बाद केरल सरकार का मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का आग्रह शनिवार को दिल्ली भेज दिया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) का मारा गया कार्यकर्ता के.टी. मनोज वर्ष 1999 में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कन्नूर जिला सचिव पर हुए कातिलाना हमले की कोशिश के आरोपियों में से एक था।
1 सितंबर को मनोज और उसके मित्र प्रमोद एक वाहन में अपने घर कन्नूर जिले के कातिरुर जा रहे थे कि उसी दौरान सात सदस्यीय गिरोह ने पहले उनपर बम फेंका और वाहन के रुक जाने के बाद उनपर हमला बोल दिया।
मनोज की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई, जबकि प्रमोद घायल अवस्था में वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा। प्रमोद ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि वह हमलावरों को पहचान सकता है।
बयान आने के बाद मुख्य आरोपी विक्रमण ने कन्नून की अदालत में गुरुवार को समर्पण कर दिया।
माकपा के प्रदेश सचिव पिन्नाराई विजयन ने पार्टी के मुखपत्र में इस सप्ताह के शुरू में केरल सरकार ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की घोषणा करने में बरती गई तेजी पर नाखुशी जाहिर की थी।
शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष वी. मुरलीधरन ने कन्नूर में पार्टी की एक बैठक को संबोधित करत हुए कहा कि उनके धर्य धारण करने के कारण ही कन्नूर में शांति बनी हुई है। लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इसे उनकी कमजोरी की तरह न समझा जाए।
dharmpath.com dharmpath