संयुक्त राष्ट्र की उप प्रवक्ता फरहान हक ने यहां संवाददाताओं से कहा, “इसके अतिरिक्त 10 लाख लोग अकाल के कगार पर हैं।” उन्होंने कहा, “देश में जारी युद्ध के तीन साल से अधिक समय हो चुके हैं, और भूखमरी के कारण स्थिति बद से बदतर हो गई है।”
हक के मुताबिक, विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) की कंट्री डायरेक्टर जॉयस लुमा ने जोर देकर कहा है कि यह अकाल इंसानों की ही देन है।
हक के अनुसार, लुमा ने यह भी कहा है कि पूरा मानवीय समुदाय इस तबाही से बचने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है, बड़े पैमाने पर मानवीय प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, जो तीन साल पहले असंभव मालूम पड़ता था।
हक ने कहा कि खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने लोगों को भूख से मरने से बचाने के लिए इस संबंध में तत्काल कदम उठाने की बात भी कही है।
लंबे संघर्ष के बाद सूडान से आजाद हुए तेल समृद्ध दक्षिण सूडान में पिछले तीन सालों से गृहयुद्ध जारी है।
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