यह मसौदा संयुक्त राष्ट्र द्वारा तैयार किया गया था, प्रस्ताव के जरिए संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही वहां की मुख्य सरकार और विपक्षी दलों को भी निशाना बनाना चाहती थी।
सुरक्षा परिषद के सात सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि आठ सदस्य अनुपस्थित रहे। प्रस्ताव पारित होने के लिए कम से कम नौ सदस्यों के मतों की जरूरत थी। इस तरह सुरक्षा परिषद न्यूनतम मत जुटाने में विफल रही।
दक्षिण सूडान में साल 2013 से जारी लड़ाई में हजारों लोग मारे गए हैं और विस्थापित हुए हैं, जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है।
dharmpath.com dharmpath