अलेप्पो में हवाई हमले रोकने से संबंधित विधेयक फ्रांस और स्पेन ने पेश किया, जिसके पक्ष में 11 और विरोध में दो मत पड़े, जबकि दो सदस्य अनुपस्थित रहे। लेकिन रूस ने इसे वीटो कर दिया।
वहीं, सीरिया पर रूस के प्रस्ताव में आतंकवाद का मुकाबला करने के प्रयास को बढ़ाते हुए सभी पक्षों से संघर्ष समाप्त करने और मानवीय सहायता की खुली पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की गई थी।
इस प्रस्ताव के पक्ष में चार वोट पड़े, जबकि नौ वोट इसके खिलाफ पड़े और दो ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। सुरक्षा परिषद मसौदे के समर्थन में पड़े कम वोटों के कारण इसे अपनाने में नाकाम रहा।
संघर्षरत सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के दूत स्टीफेन डी मिस्तुरा की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई।
डी मिस्तुरा ने कहा था, “अधिकतम दो महीने या ढाई महीने में अलेप्पो शहर पूरी तरह से नष्ट हो सकता है।”
संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबिक, शहर के पूर्वी भागों में 1,00,000 बच्चों समेत 2,75,000 नागरिक फंसे हुए हैं।
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