स्थानीय समाचार पत्र ‘ओकेज’ ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट में कहा गया कि अपराधियों को 13,329 डॉलर के एक बराबर रकम का भुगतान और छह महीने की जेल व निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, जिन लोगों ने देर तक ठहरने वाले इन यात्रियों को परिवहन या आश्रय जैसी सुविधाएं दी हैं, उन्हें भी 26,662 डॉलर और छह महीने की जेल व निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है।
जायरीनों के हज वीजा को दोबारा बढ़ाया नहीं जा सकता है। इस तरह के वीजा पर न नौकरी और न ही मक्का से बाहर जाया जा सकता है।
सऊदी अधिकारियों ने कहा कि करीब 18 लाख जायरीनों ने आखिरी तीर्थयात्रा में हिस्सा लिया था, जिनमें अधिकांश विदेशी थे।
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