रियाद, 8 जुलाई (आईएएनएस)। सऊदी अरब प्रशासन ने मदीना और कातिफ में हुए विस्फोटों के संदर्भ में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें सऊदी अरब के सात और पाकिस्तान के 12 नागरिक हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक आत्मघाती हमलावर ने सोमवार को जेद्दा के अस्पताल की पार्किं ग में स्वयं को उड़ा दिया।
इस घटना में हमलावर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिसकी पहचान पाकिस्तानी के रूप में की गई है। वहीं, दो सुरक्षाकर्मियों को हल्की चोटें आई हैं।
उसी दिन मदीना में भी पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद के पास विस्फोट हुआ, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की जान चली गई।
कातिफ शहर में शिया समुदाय के लोग रहते हैं। यहां शिया मस्जिद के पास दो बम विस्फोट हुए। इस हमले में सिर्फ हमलावर ही मारा गया।
सऊदी अरब के अधिकारियों ने मदीना और कातिफ आत्मघाती विस्फोट मामले में 19 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जिसमें सात सऊदी और 12 पाकिस्तानी नागरिक हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि मदीना विस्फोट के आत्मघाती हमलावर की उम्र 26 वर्ष है। वह सऊदी नागरिक था। इससे पहले नेयर मुसल्लम हम्मद अल-निजाइदी नामक इस शख्स को मादक पदार्थो से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
मंत्रालय ने कातिफ हमले के संबंध में तीन अन्य लोगों को भी नामजद किया है। इनके नाम अब्दुलरहमान सालेह मोहम्मद अल अमेर (23) है, जिसे दो साल पहले आतंकवाद से जु़ड़े मामलों में पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग करनेवाले भीड़ में शामिल होने के कारण हिरासत में लिया गया था। इब्राहिम सालेह मोहम्मद अल अमेर (20) और अब्दुलकरीम इब्राहिम मोहम्मद अल हसीनी (20)।
बयान में कहा गया है कि मदीना और कातिफ विस्फोट के अवशेष की जांच से नाइट्रोग्लिसरीन विस्फोटक का पता चला है। ऐसा ही विस्फोटक जेद्दा के पार्किं ग में भी इस्तेमाल किया गया था।
सोमवार को हुआ विस्फोट पवित्र रमजान महीने के अंत में किया गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं।
मदीना में किसी आतंकवादी घटना का होना अभूतपूर्व है। यह शहर मुस्लिम समुदाय के लिए दूसरा सबसे पवित्र शहर है। इस शहर में इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मुहम्मद ने एक मस्जिद बनवाई थी, जहां उनकी कब्र भी है।
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