सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने का बीड़ा उठाया

अरुण कुमार

अरुण कुमार

वाशिंगटन, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय मूल के एक अमेरिकी सर्जन ने भारत में सड़क हादसों में लोगों की मौतों को रोकने का बीड़ा उठाया है। उनकी कोशिश ढाई करोड़ डालर इकट्ठा कर 15 लाख प्रथम उत्तरदाताओं (हादसे की जगह पर सबसे पहले पहुंचने वाले बचावकर्मी) को प्रशिक्षित करने की है। उनका लक्ष्य अगले पांच साल में इन्हें प्रशिक्षित करना है।

भारत में रोजाना औसतन एक हजार लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती है और इन हादसों से देश को सालाना 50 अरब डालर का नुकसान होता है।

राजस्थान विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल कर चुके सर्जन का नाम डाक्टर दिनेश व्यास है। वह मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वह अब तक भारत में 4000 प्रथम उत्तरदाताओं को प्रशिक्षित कर चुके हैं।

डाक्टर व्यास जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से संबंध रखने वाले विशेषज्ञों के एक दल के साथ भारत आ रहे हैं। वह यहां 26 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेंगे। ऑटो, आईटी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों से कारपोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत अपनी परियोजना के लिए समर्थन मांगेंगे। उनकी योजना जोधपुर, जयपुर, हैदराबाद, मनिपाल, बेंगलुरु, करीमनगर और नई दिल्ली जाने की है।

व्यास ने आईएएनएस से कहा, “यह कार्यक्रम ऑटो, आईटी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के उद्योगों के लिए 5 अरब डालर के कारोबार का अवसर पैदा करेगा और कई जीवन बचाएगा।”

उन्होंने कहा, “ट्रामा (घाव) और सड़क किनारे हादसे भारत की सेहत से जुड़ी बड़ी चिंता का हिस्सा हैं। दुर्भाग्य से इसकी लंबे समय से अनदेखी की गई है। तीन फीसदी वार्षिक वृद्धि की दर से हम यहां रोजाना 1000 मौतें और 5000 गंभीर अपंगता देख रहे हैं।”

बीते आठ साल में व्यास की टीम ने राजस्थान में पांच केंद्र बनाए हैं और 2000 प्रथम उत्तरदाताओं को सीधे प्रशिक्षित किया है। जबकि, 2000 को आनलाइन कोर्स के जरिए प्रशिक्षित किया गया है।

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