सबकुछ हारकर भी अमेरिका ने विश्व कप से काफी कुछ सीखा

अहमदाबादए 19 अक्टूबर, (आईएएनएस)। अमेरिका एक खेल महाशक्ति है और इसे लेकर किसी के मन में कोई शंका नहीं होगी। इस देश के नाम एक हजार से अधिक ओलम्पिक पदक हैं और हर उस खेल में यह अव्वल रहता है, जो यहां खेले जाते हैं। हां, इस देश में कबड्डी की कहानी जरूर कुछ अलग है।

द एरेना बाय ट्रांसस्टेडिया में जारी कबड्डी विश्व कप में हिस्सा लेने पहुंची अमेरिकी टीम अपने सभी ग्रुप मैच हार गई। इसका कारण सिर्फ यही है कि यह खेल अमेरिका के लिए बिल्कुल नया है। यह टीम बीतते वक्त के साथ कबड्डी के गुर सीख रही है और इसके कप्तान ट्राय मिकाल बाकोन को उम्मीद है कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब उनकी टीम से दूसरी टीमें खौफ खाएंगी।

ग्रुप-बी में अमेरिका को ईरान, केन्या, थाईलैंड, जापान और पोलैंड के हाथों हार मिली। सभी मैचों में उसकी हार एकतरफा थी। कप्तान बाकोन से जब यह पूछा गया कि इस विश्व कप से उन्होंने और उनके साथियों ने क्या सीखा, तो उन्होंने कहा कि हर दिन उनकी टीम ने कुछ नया सीखा और अब वह नई चुनौती के लिए तैयार है, क्योंकि इस खेल की कई ऐसी बारीकियां थीं, जिनसे उनकी टीम परिचित नहीं थी।

बाकोन ने कहा, “हमारी जैसी नई टीम के लिए विश्व कप का अनुभव काफी अहम रहा। हम हर दिन कुछ नया सीख रहे हैं। हमने हर मैच के साथ कबड्डी के नए ट्रिक्स सीखे हैं। हमने हर उस टीम और शख्स से सीखा है, जो हमसे जुड़ा है। हमने उन भारतीय विशेषज्ञों से भी काफी कुछ सीखा है, जो यहां हमारी मदद कर रहे थे। अब हम इस खेल को बेहतर तरीके से खेलने के लिए तैयार हैं।”

बाकोन का कहना है कि दो महीने पहले तक वह तथा उनके साथी विश्व कप के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे। एसे में जब अमेरिकी कबड्डी संघ को विश्व कप में खेलने का प्रस्ताव मिला तो इस दिशा में उनकी सक्रियता बढ़ गई।

बकौल बाकेन, “हमें विश्व कप में खेलने का प्रस्ताव मिला। हमारे पास टीम नही थी। हमारी टीम में शामिल खिलाड़ी कॉलेज स्तर पर फुटबाल या फिर कुश्ती खेलते हैं। जब विश्व कप के लिए ट्रायल चल रहा था, तब बड़ी संख्या में युवाओं ने इस खेल में रुचि दिखाई थी। हम जानते हैं कि इस खेल में अलग तरह के दमखम की जरूरत होती है, लिहाजा हमने इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए टीम बनाई और यहां खेलने आए।”

बाकोन ने कहा कि भारतीय टीम को खेलते देखना एक नया अनुभव साबित हुआ। बकौल बाकेन, “भारतीय टीम सम्पूर्ण है। यह खेल के हर उस गुर से वाकिफ है, जो किसी टीम को जीत दिला सकती है। इसका हर खिलाड़ी अपने आप में संस्थान है। हमने इस टीम से काफी कुछ सीखा है और सीखते रहेंगे। हमने कबड्डी की कला के बारे में भारतीय खिलाड़ियों से भी बात की है और उन्होंने हमें काफी अच्छे से इसकी कलाकारी समझाई है।”

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