चेन्नई, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के सुदूरवर्ती गांवों में बिजली सुविधा का सृजन करने के लिए समाज व्यापार समूह मृदा क्राउड फंडिंग का सहारा ले सकता है। यह बात समूह के एक प्रोमोटर ने कही।
समूह के प्रमोटर कोष तैयार करने के लिए समूह की दो कंपनियों में अपनी कुछ हिस्सेदारी भी बेच सकते हैं।
मृदा के सह-संस्थापक और निदेशक अरुण नागपाल ने यहां सोमवार को आईएएनएस से कहा, “ऐसे कई लोग हैं जो गांवों की भलाई के लिए कुछ योगदान कर सकते हैं। हम सौर बिजली के जरिये कुछ गांवों को रौशन करने के लिए इस स्रोत का दोहन करना चाहते हैं। इन गांवों तक बिजली ग्रिड नहीं पहुंच पाया है।”
नागपाल ने कहा कि समूह कुछ परियोजनाओं के लिए तीन महीने में क्राउड फंडिंग का सहारा लेगा।
फिलहाल दिल्ली का यह समूह दो मुख्य कारोबारी मॉडल पर काम कर रहा है – कंपनियों की कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) परियोजना के रूप में शुल्क आधार पर उनकी सौर बिजली परियोजना का कार्यान्वयन करना और गांवों में सौर बिजली ग्रिड तैयार करना तथा उन प्रणालियों के प्रबंधन के लिए स्थानीय उद्यमियों का विकास कर शुल्क एकत्र करना।
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