दावोस (स्विट्जरलैंड), 17 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की ताजा समावेशी विकास सूची (आईडीआई) में भारत को नेपाल और पाकिस्तान से भी नीचे 60वां स्थान मिला है।
डब्ल्यूईएफ ने दुनिया की अग्रणी 79 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की यह सूची सोमवार को जारी की।
डब्ल्यूईएफ की इस रपट में कहा गया है कि अधिकांश देशों ने आर्थिक विकास के मौके गंवाए, साथ ही वे आर्थिक असमानता पाटने में भी नाकाम रहे। रपट के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि विकासशील देशों को अपनी-अपनी आर्थिक विकास की नीतियों और उसका निर्धारण करने वाले मानकों में बड़ा सुधार करना है।
डब्ल्यूईएफ की इस रपट में कहा गया है, “भारत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) प्रति व्यक्ति के मामले में शीर्ष-10 देशों में शामिल है, इसके बावजूद मात्र 3.38 अंक हासिल कर 79 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आईडीआई सूची में 60वां स्थान हासिल कर सका। भारत की श्रमिक उत्पादकता विकास दर भी ऊंची है।”
रपट के अनुसार, भारत में गरीबी घटी है, वह भी काफी ऊंची दर से।
डब्ल्यूईएफ ने आईडीआई सूची 12 परफॉर्मेस सूचकांकों के आधार पर तैयार किया है और इसका मूल्यांकन तीन अहम मानकों -विकास एवं वृद्धि दर, समावेशन एवं पीढ़ीगत मूल्य, और सततता- के आधार पर किया गया है।
सबसे आश्चर्यजनक है कि भारत के पड़ोसी देशों में चीन को इस सूची में 15वां स्थान, नेपाल को 27वां, बांग्लादेश को 36वां और पाकिस्तान को 52वां स्थान दिया गया है।
लिथुआनिया इस सूची में शीर्ष पर है। उसके बाद अजरबेजान दूसरे और हंगरी तीसरे स्थान पर है। शीर्ष-10 में शामिल अन्य देशों में पोलैंड चौथे, रोमानिया पांचवें, उरुग्वे छठे, लातविया सातवें, पनामा आठवें, कोस्टारिका नौवें और चिली 10वें पायदान पर हैं।
इस बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी भारत की मौजूदा वित्त-वर्ष में विकास दर कम रहने की संभावना व्यक्त की है। आईएमएफ के अनुसार, इस वर्ष भारत की विकास दर में नोटबंदी के कारण एक फीसदी तक की कमी आ सकती है।
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