दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के गठन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कोई भूमिका नहीं होगी। नायडू ने आरएसएस कार्यालय पर संवाददाताओं से कहा कि आरएसएस के सदस्यों से मिलना हमारे जीवन का हिस्सा है। लेकिन मंत्रिमंडल के गठन में संघ की भूमिका नहीं होगी। उधर संघ ने भी कहा है कि वो कोई रिमोट कंट्रोल नहीं रखता।भाजपा नेता रविवार को आरएसएस के दिल्ली स्थित कार्यालय में जमा हुए। नायडू के अलावा कलराज मिश्र, धर्मेद्र प्रधान, गोपीनाथ मुंडे, हर्षवर्धन और राजीव प्रताप रूडी जैसे नेता आरएसएस कार्यालय में इकट्ठा हुए। शिवराज सिंह चौहान और मुरली मनोहर जोशी पहले ही हाजिरी लगा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो ये सारी कवायद सरकार में जगह पाने की है।हालांकि संघ की ओर से साफ कर दिया गया कि वो सरकार के रोजमर्रा के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा। भाजपा नेताओं का बीती 12 मई को मतदान बाद सर्वेक्षणों की घोषणा के बाद से ही आरएसएस कार्यालय में आना-जाना लगा है। उधर, आरएसएस ने भी बीजेपी के कामकाज और नई सरकार के गठन में दखल से साफ इनकार किया है।आरएसएस नेता राम माधव के मुताबिक बीजेपी की जीत के बाद संघ ने न तो पार्टी को और न ही नरेंद्र मोदी को किसी तरह का दिशा-निर्देश दिया है। राम माधव ने कहा कि आरएसएस राजनीति या सरकार में भूमिका अदा करने के लिए कोई रिमोट कंट्रोल नहीं रखती। संघ के मुताबिक बीजेपी ने एक एजेंडा रखा और उसे देश ने स्वीकार किया। अब उन्हें तय करना है कि देश को आगे कैसे बढ़ाएं।हालांकि जिस तरह संघ के बड़े पदाधिकारी दिल्ली में जमे हुए हैं, और जिस तरह बीजेपी के नेता वहां हाजिरी बजा रहे हैं वो कुछ और कहानी बयान कर रहा है। इस बार संघ ने चुनाव में खुलकर बीजेपी की मदद की थी और माना जा रहा है कि अब बारी बीजेपी की है।
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