सर्वोत्तम पुण्य फलदायी है बुद्ध पूर्णिमा

Buddhapurहरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा के स्नान के लिए एक दिन पहले से ही श्रद्धालु तीर्थ नगरी हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गए हैं। शनिवार को होने वाली बुद्ध पूर्णिमा में गंगा के विभिन्न घाटों पर स्नान कर श्रद्धालु पुण्य लाभ कमाएंगे। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर स्नान से हजारों अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य लाभ मिलता है। 1डॉ.पंडित शक्तिधर शर्मा शास्त्री ने बताया कि वैशाख मास की पूर्णिमा को जब सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं तो बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।

इस दिन स्नान दान करने से मनुष्य को दान का करोड़ों गुना पुण्य मिलता है। इसलिए इस पूर्णिमा को सवरेत्तम पुण्यदायी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसके अलावा यह पूर्णिमा भगवान बुद्ध का जन्मदिवस भी मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध को बोध की प्राप्ति हुई थी। लंबे समय विपास्सन (भगवान उपासना का एक रूप) में रहने के बाद इसी दिन ईश्वर से अपने मन को जोड़ा था। वहीं दूसरी ओर चूंकि सूर्य अपनी उच्च राशि में होने पर सबसे अधिक गर्म रहते हैं। इसलिए शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा मन और शरीर को शीतलता भी प्रदान करते हैं।हरिद्वार: बुद्ध पूर्णिमा के स्नान के लिए एक दिन पहले से ही श्रद्धालु तीर्थ नगरी हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गए हैं। शनिवार को होने वाली बुद्ध पूर्णिमा में गंगा के विभिन्न घाटों पर स्नान कर श्रद्धालु पुण्य लाभ कमाएंगे।

च्योतिषाचार्यो के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर स्नान से हजारों अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य लाभ मिलता है। डॉ.पंडित शक्तिधर शर्मा शास्त्री ने बताया कि वैशाख मास की पूर्णिमा को जब सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं तो बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन स्नान दान करने से मनुष्य को दान का करोड़ों गुना पुण्य मिलता है। इसलिए इस पूर्णिमा को सर्वोत्तम पुण्यदायी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसके अलावा यह पूर्णिमा भगवान बुद्ध का जन्मदिवस भी मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध को बोध की प्राप्ति हुई थी। लंबे समय विपास्सन (भगवान उपासना का एक रूप) में रहने के बाद इसी दिन ईश्वर से अपने मन को जोड़ा था। वहीं दूसरी ओर चूंकि सूर्य अपनी उच्च राशि में होने पर सबसे अधिक गर्म रहते हैं। इसलिए शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा मन और शरीर को शीतलता भी प्रदान करते हैं।

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