तिरुवनंतपुरम, 22 नवंबर (आईएएनएस)। केरल विधानसभा ने एक विशेष सत्र में मंगलवार को सहकारी बैंकों को दरकिनार करने के केंद्र सरकार के कदम खिलाफ मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया। भाजपा के एक मात्र विधायक ओ. राजगोपाल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
इस प्रस्ताव को पेश करने के पहले मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सदन को भरोसा दिलाया कि सहकारी बैंकों में रखे एक रुपये का भी नुकसान नहीं होगा और उनकी सरकार इसके लिए गारंटी देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी बैंकों का मुद्दा उठाने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली से मिलेगा।
भाजपा सदस्य राजागोपाल ने इसमें एक संशोधन का प्रस्ताव लाने की कोशिश की, जिसे राज्य के जल संसाधन मंत्री मैथ्यू टी. थॉमस ने नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर खारिज कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष पी. श्री रामाकृष्णन ने थामस की बात को सही माना।
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, क्योंकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) दोनों ने सहकारी बैंकों को 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने या जमा करने से अलग रखने के लिए मोदी पर हमला किया है।
केरल में सहकारी बैंकों की त्रिस्तरीय व्यवस्था है। करीब 1600 प्राथमिक सहकारी बैंक हैं, जो राज्य के 14 जिला सहकारी बैंकों से जुड़े हैं। ये सभी प्रदेश में सहकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक केरल राज्य सहकारी बैंक से जुड़े हैं।
केरल के सहकारिता मंत्री ए. सी. मोईदीन के अनुसार, सहकारी बैंकों में कुल जमा करीब 1.27 लाख करोड़ रुपये है।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में सबसे अधिक लाभ ई-वालेट, पेटीएम को हुआ है और जिन्होंने मोदी की सराहना करते हुए 50 करोड़ रुपये अपने विज्ञापनों पर खर्च किए हैं। पेटीएम का व्यवसाय दोगुना हो गया है।
विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, “यह कुछ और नहीं मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक फासिस्टवाद है। जिस तरह से इसे किया गया, यह स्पष्ट तौर पर दिख रहा है कि यह एक मूर्खतापूर्ण फैसला है।”
पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने सहकारी बैंकों को दरकिनार करने के फैसले की सराहना करने को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कुमानेम राजशेखन की तीव्र आलोचना की और उन्हें राज्य के बाहर करने की मांग की।
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