स्थानीय सरकार के द्वारा पारिस्थितिकी संरक्षण योजना के तहत ऐसा किया जाएगा।
इस योजना के अनुसार, प्रांत में 390,000 हेक्टेयर के क्षेत्र में नौ नए सुरक्षा क्षेत्रों का निर्माण किया जाएगा। 2020 तक बाघों और तेंदुओं के लिए करीब 800,000 हेक्टेयर के क्षेत्र में निवास स्थान बनाया जाएगा, जिसमें 30 बाघों और 50 चीतों के रहने के लिए पर्याप्त जगह होगी। वहीं, 2025 तक इस 20 लाख हेक्टेयर तक इस क्षेत्र का विकास करने की जरूरत है।
चीन की सरकार के 13वीं पंचवर्षीय योजना में यह स्थानीय योजना भी शामिल है, जिसमें देश के प्राकृतिक भंडार के प्रबंधन को मजबूत करने की शपथ ली गई है, ताकि पांडा, बाघ और तेंदुए जैसे संरक्षित पशुओं के निवास स्थानों में सुधार किया जाए।
चीन में 1950 के दशक में ही साइबेरियाई बाघों की प्रजाति लगभग विलुप्त हो गई थी, लेकिन इतने समय से पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के कारण हाल ही के वर्षो में कुछ पशुओं को देखा गया है।
चीन, रूस और अमेरिका के विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए शोध के अनुसार, 1998 में जिलिन में केवल छह साइबेरियाई बाघ देखे गए थे, लेकिन 2015 में इनकी संख्या बढ़कर 27 हुई।
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