सिंहस्थ के निर्माण कार्यों में देरी करने वाले विभागों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

babulal-gour-sinhasthनगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने की सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा

 

नगरीय प्रशासन विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने कहा है कि वर्ष 2016 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिये किये जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों में देरी करने वाले विभागों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल संसाधान विभाग के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। श्री गौर आज भोपाल में सिहस्थ कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में केन्द्र सरकार को सिंहस्थ के लिये 2812 करोड़ की कार्ययोजना भेजे जाने पर भी चर्चा की गई। श्री गौर ने कहा कि वे शीघ्र ही नई दिल्ली में कार्ययोजना की मंजूरी के लिये केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगेंे। बैठक में विभागवार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

  • वर्ष 2016 में सिंहस्थ के लिये केन्द्र सरकार को भेजी जायेगी 2812 करोड़ की कार्ययोजना।

  • वर्तमान में उज्जैन में चल रहे 732 करोड़ के 106 नये कार्य।

  • क्षिप्रा नदी के संरक्षण के लिये 503 करोड़ की योजना।

मंत्री श्री गौर ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान देश के साथ-साथ दुनिया भर के श्रद्धालु उज्जैन पहुँचते हैं। उन्होंने उज्जैन में यात्रियों के लिये विश्व-स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध करवाये जाने के लिये कहा। श्री गौर ने कहा कि पुरातत्व महत्व की दृष्टि से उज्जैन के मंदिरों के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण के सांदीपनि आश्रम के विकास के लिये बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने धार्मिक केन्द्रों को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनाने के लिये पर्यटन विकास निगम को निर्देश दिये। बाहर से आने वाले श्रद्धालु सिंहस्थ एवं उज्जैन नगर के महत्व को समझ सके, इसके लिये उन्होंने आकर्षक गैलरी एवं लाईट एवं साउण्ड कार्यक्रम तैयार करने को कहा।

उज्जैन कमिश्नर श्री अरूण पाण्डे ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर निगम उज्जैन, जल संसाधन, स्वास्थ्य, धर्मस्व, गृह एवं मेला विकास प्राधिकरण द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कमिश्नर ने बताया कि उज्जैन शहर में 94 करोड़ की लागत से रिंग रोड बनायी जा रही है। रिंग रोड बनने के बाद शहर के मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थानों की दूरी मात्र ढाई किलोमीटर रह जायेगी। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से बनाये जा रहे आधुनिक कंट्रोल रूम के बारे में बताया। कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में सिंहस्थ से जुड़े 106 कार्य के लिये 732 करोड़ की मंजूरी हुई है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम बी.ओ.टी. के जरिये 198 करोड़ के 4 कार्य करवा रहा है।

सचिव नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा ने बताया कि क्षिप्रा नदी के संरक्षण से संबंधित 503 करोड़ की योजना जेएनएनयूआरएम के तहत केन्द्र को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिये सभी प्रस्तावित कार्य तय समय-सीमा में पूरे करवाये जायेंेगे।

आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संजय शुक्ला ने बताया कि सिंहस्थ के लिये विभाग ने कॉम्प्रीहेन्सिव मेला प्लान तैयार किया है। उन्होंने बताया कि उज्जैन में जेएनएनयूआरएम 146 करोड़ के 4 कार्य मंजूर है इनमें वाटर सप्लाई, यातायात, शहरी गरीबों की बुनियादी सुविधाएँ एवं पुरातत्व संरक्षण की योजना शामिल है।

पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि निगम उज्जैन में 12 करोड़ के 2 काम इनमें क्षिप्रा होटल का उन्नयन एवं बजट होटल का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने मंदिरों में आकर्षक विद्युत सज्जा के प्रस्तावित कार्यों की भी जानकारी दी।

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