न्यूयॉर्क, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क में तीन दिन हवालात में गुजारने वाले एक सिख स्कूली छात्र ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि उसने सहपाटी से अपने बैग में एक बम होने और स्कूल को उड़ाने की बात मजाक में कही थी। छात्र के परिवार ने पूर्व में कहा था कि उसे फंसाया गया है।
वेबसाइट ‘इनक्विसिटर डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के अनुसार, आर्लिग्टन के पुलिस लेफ्टिनेंट क्रिस्टोफर कुक ने कहा कि टेक्सास राज्य के डलास नगर स्थित निकोल्स जूनियर हाई स्कूल में अरमान सिंह सराय(12) पढ़ता है। अरमान के सहपाठी ने अपने एक अध्यापक को बताया था कि अरमान ने उसे बताया है कि उसकी स्कूल को बम से उड़ाने की योजना है।
रिपोर्ट में पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, “सहपाठी के अनुसार, अरमान ने दावा किया था कि उसके बैग में एक बम है और एक निश्चित समय में उसमें धमाका होने वाला है और अरमान की बम को क्लासरूम में रखकर भाग निकलने की तैयारी है।”
कुक के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिख छात्र ने सहपाठी से अपने बैग में एक बम रखे होने की बात कहने की बात कबूली, लेकिन यह भी कहा कि वह तो बस मजाक कर रहा था।
पुलिस लेफ्टिनेंट ने कहा, “स्कूल बम की बात को गंभीरता से लेते हैं और यही वजह है कि स्कूल में बम लेकर आने का मजाक किए जाने को भी एक आतंकवादी खतरा माना जाता है।”
इससे पूर्व अरमान की रिश्ते की बहन गिनी हाएर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में उसका बचाव करते हुए लिखा था, “कक्षा के एक दबंग छात्र ने सोचा कि अरमान पर एक बम रखने का आरोप लगाना मजेदार होगा। उसने यही किया और प्रधानाचार्य ने भी बिना किसी पूछताछ या जांच के और माता-पिता को सूचित किए बगैर ही पुलिस को बुला लिया।”
गिनी ने लिखा, “उसे तीन दिन जेल में रखा गया और सोमवार (15 दिसंबर) को रिहा किया गया।”
छात्र को जेल में डालने की यह घटना हाल में टेक्सास में स्कूली छात्र अहमद मोहम्मद को स्कूल से हथकड़ी लगाकर जेल ले जाने की घटना के बाद सामने आई है। अहमद घर में बनाई एक घड़ी को स्कूल ले गया था, जिसे स्कूल के अधिकारियों ने गलती से बम समझ लिया था।
dharmpath.com dharmpath