सीएएस ने शारापोवा पर लगे प्रतिंबध को घटाया (लीड-2)

लुसाने (स्विट्जरलैंड), 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की सबसे बड़ी खेल अदालत ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट’ (सीएएस) ने मंगलवार को रूस की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा पर डोपिंग के कारण लगाए गए प्रतिबंध को कम कर दिया।

सीएएस ने प्रतिबंध के खिलाफ शारापोवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के स्वतंत्र न्यायाधिकरण द्वारा लगाए गए दो वर्ष के प्रतिबंध को घटाकर 15 महीने कर दिया।

समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, रूस टेनिस महासंघ (आरटीएफ) के अध्यक्ष शमिल तारपिश्चेव ने कहा कि शारापोवा अगले साल 26 अप्रैल तक टेनिस कोर्ट में लौट आएंगी।

सीएएस की वेबसाइट पर फैसले की कॉपी मंगलवार को प्रसारित कर दी गई है।

उन्होंने कहा, “प्रतिबंध का कम हो जाना अच्छा है। चूंकि शारापोवा साफ सुथरी खिलाड़ी हैं इसलिए उन्होंने (सीएएस) हमारी अपील को माना।”

आरटीएफ अध्यक्ष ने कहा, “यह पूरी तरह उन पर निर्भर है कि क्या वह अपने खेल के पुराने स्तर के साथ वापसी कर पाती हैं या नहीं।”

उन्होंने कहा, “हम हालांकि चाहते हैं कि वह राष्ट्रीय टीम के लिए खेलें और अगले ओलम्पिक में पदक जीत कर आएं।”

आईटीएफ ने आठ जून को डोपिंग की दोषी पाए जाने पर शारापोवा पर दो साल का प्रतिबंध लगाया था। रूसी खिलाड़ी ने इस प्रतिबंध के खिलाफ नौ जून को सीएएस में अपील दायर की थी।

इस प्रतिबंध के कारण विश्व की पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी रियो ओलम्पिक-2016 में हिस्सा नहीं ले पाई थीं।

गौरतलब है कि पांच बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकीं शारापोवा इसी वर्ष आस्ट्रेलियन ओपन के दौरान मेल्डोनियम के सेवन की दोषी पाई गई थीं, जिसके बाद आईटीएफ ने उन पर प्रतिबंध लगाया था।

हालांकि सीएएस ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि शारापोवा पर 15 महीने का प्रतिबंध लागू होगा, जो 26 जनवरी, 2016 से माना जाएगा।

सीएएस ने 26 जनवरी, 2016 को शारापोवा द्वारा अर्जित किसी तरह की जीत या विश्व रैंकिंग से उन्हें वंचित रखने का फैसला किया है।

शारापोवा को उम्मीद थी कि आईटीएफ उनके प्रतिबंध को लेकर कोई समाधान निकालेगा।

सीएएस का फैसला आने के बाद शारापोवा ने अपने फेसबुक पर लिखा, ” मैंने शुरुआत से ही यह जिम्मेदारी ली थी कि मैंने पिछले 10 वर्षो से उस पदार्थ का सेवन किया है जिसे अब प्रतिबंधित कर दिया गया है।”

उन्होंने लिखा है, “लेकिन मुझे यह भी पता चला कि अन्य महासंघ कितने अच्छे तरीके से अपने खिलाड़ियों को नियमों में बदलाव के बारे में बताते हैं, खासकर पूर्वी यूरोप में जहां मिलड्रोनेट लाखों लोगों द्वारा उपयोग में लिया जाता है।”

शारापोवा ने लिखा, “अब यह प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। मुझे उम्मीद है कि आईटीएफ और टेनिस की अन्य डोपिंग रोधी संस्थाएं अन्य महासंघों से सबक लेंगी, ताकि किसी और टेनिस खिलाड़ी को इन सब चीजों से न गुजरना पड़े जिससे मैं गुजरी।”

गौरतलब है कि मेल्डोनियम को वाडा ने एक जनवरी 2016 को अपने प्रतिबंधित पदार्थो की सूची में शामिल किया था।

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