नई दिल्ली-जुलाई में नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने के मामले में केंद्र से मिले आश्वासन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार (1 सितंबर) को पांच सितंबर को होने वाले मार्च का अपना आह्वान वापस ले लिया.
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर अपने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च का आह्वान किया था. पार्टी की प्रमुख मांगों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना भी शामिल था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार दोपहर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ से कहा, ‘भारत सरकार की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासनों को देखते हुए सीजेपी के लिए 5 सितंबर के मार्च (प्रदर्शन) का आह्वान वापस लेना उचित है.’
इससे पहले दिल्ली पुलिस के अलावा चार राज्य सरकारों ने भी सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर जुलाई में पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की थी.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ को इस बारे में उस समय जानकारी दी, जब अदालत राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुनवाई करने वाली थी.
मेहता ने पीठ को बताया कि ये आवेदन मंगलवार सुबह दाखिल किए गए हैं और अनुरोध किया कि इन्हें दोपहर 2 बजे सुनवाई के लिए लिया जाए. पीठ ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया.
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