बीजिंग, 13 जून (आईएएनएस)। चीन के एक पत्रकार ने पाकिस्तान के उस दावे को खारिज किया है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) उपनिवेशवाद के एक नए स्वरूप का नेतृत्व करेगा।
वांग जियामेई ने सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाईम्स को दिए बयान में कहा, “लोग अक्सर इतिहास का हवाला देते हुए चेतावनी देते हैं, लेकिन यह कभी-कभी गलत जगह पर इस्तोमाल हो सकती है।”
उन्होंने कहा, “यह आरोप कि बेल्ट एंड रोड पहल के तहत सीपीईसी परियोजना उपनिवेशवाद का एक नया स्वरूप होगा, इतिहास के भ्रामक इस्तेमाल का एक स्पष्ट उदाहरण है।”
गौरतलब है कि पकिस्तानी राजनीतिक अर्थशास्त्री एस. अकबर जैदी ने शुक्रवार को अपने एक व्याख्यान में कहा था कि सीपीईसी के तैयार होते ही पाकिस्तान चीन का उपनिवेश बन जाएगा। उन्होंेने आरोप लगाया कि सीपीईसी पाकिस्तान को गुलाम बना लेगा और उसकी संप्रभुता को कमजोर कर देगा।
वांग ने कहा कि इस प्रकार की चिंता जाहिर करने वाले जैदी पहले व्यक्ति नहीं हैं और संभवत: आखिरी व्यक्ति भी नहीं होंगे, हालांकि उनके सिद्धांत का समर्थन करने के लिए कोई तथ्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाएं किसी भी देश के लिए खतरा कैसे हो सकती हैं।
वांग ने कहा कि अगर चीन की सहायता से पाकिस्तान औद्योगीकरण हासिल करना चाहता है तो उसे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए समायोजन करने की भी आवश्यकता है।
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