हैदराबाद, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सिंगापुर ओपन के फाइनल में रविवार को अपने हमवतन खिलाड़ी को हराकर अपना पहला सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी बी.साई प्रणीत को कोशिश अब अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखने की है।
प्रणीत ने यह बात मंगलवार को अपने गृहनगर लौटने के बाद कही।
प्रणीत ने सिंगापुर ओपन के फाइनल में भारत के किदाम्बी श्रीकांत को मात दी थी।
वह पी.वी.सिंधु, सायना नेहवाल और श्रीकांत के बाद सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
घर लौटने के बाद प्रणीत ने कहा, “मैं काफी लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा था। इसे जीत कर मैं बेहद खुश हूं।”
प्रणीत ने कहा कि वह इस टूर्नामेंट की तैयारी पिछले दो महीनों से कर रहे थे। इसलिए फिटनेस पर ध्यान देने के लिए उन्होंने ऑल इंग्लैंड ओपन टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था।
भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सुपर सीरीज के फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी एक-दूसरे के सामने खेले।
प्रणीत ने कहा, “हम दोनों काफी खुश थे। मैच से पहले हमने इसके बारे में बात नहीं की थी। हम इसे लेकर गंभीर भी नहीं थे। हमने उसी तरह बात की जिस तरह अन्य दिन करते हैं। हमने साथ में मजाक किया और रात का खाना खाया।”
प्रणीत ने कहा कि वह इस मैच में हार जीत के बारे में नहीं सोच रहे थे। उनका ध्यान सिर्फ अच्छा खेलने पर था।
उन्होंने कहा, “मैं अपनी लय वापस पाना चाहता था। पहले गेम में हारने के बाद मैंने अच्छी रैली की।”
उन्होंने कहा, “हम दोनों इस बात से खुश थे कि हम फाइनल में पहुंचे। यह मायने नहीं रखता था कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा। भारत पहले ही जीत चुका था। दर्शक नारे लगा रहे थे कि भारत जीत गया।”
आईडीबीआई फेडरल ने प्रणीत को तीन लाख रुपये और श्रीकांत को दो लाख रुपये देकर सम्मानित किया। सिंधु को इंडिया ओपन का खिताब जीतने पर तीन लाख रुपये का चैक दिया गया।
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