वाशिंगटन, 10 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तरी टेक्सास के शहर डलास में स्थित पुलिस मुख्यालय को गुमनाम धमकी मिलने के कारण सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने की घोषणा कर दी है।
डलास में एक विरोध प्रदर्शन रैली के दौरान अमेरिकी सेना के एक अश्वेत जवान द्वारा पांच पुलिस अधिकारियों की हत्या के दो दिन बाद एक नजदीकी पार्किं ग में संदिग्ध व्यक्ति की तलाश की गई, लेकिन वहां कोई नहीं मिला।
बीबीसी की रपट के मुताबिक, स्वात अधिकारियों को पहले मुख्य इमारत में तैनात किया गया था।
इस सप्ताह के दौरान लुइसियाना में एल्टन स्टर्लिंग और मिनेसोटा में फिलांडो केस्टाइल की हत्या के बाद श्वेत बहुल पुलिस द्वारा अश्वेतों की हत्या के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया था।
इससे पहले डलास पुलिस विभाग ने शहर भर में कानून प्र्वतन के खिलाफ गुमनाम धमकी मिलने के बाद शनिवार को सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी थी।
बीबीसी की रपट के मुताबिक, पुलिस ने ‘अधिकारियों की सुरक्षा के लिए’ मीडिया को मुख्यालय से जुड़ी सभी लाइव खबरें रोकने के निर्देश दिए थे।
इस झड़प के दौरान खुद जॉनसन भी मारा गया था। वह पुलिस के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाले अश्वेत आतंकवादी समूहों का समर्थक था।
डलास के पुलिस प्रमुख डेविड ब्राउन ने कहा कि जॉनसन ने एक मध्यस्थ से कहा था कि वह श्वेतों, खासतौर पर पुलिस अधिकारियों की हत्या करना चाहता था, क्योंकि वह हाल ही में हुई अश्वेतों की हत्या के कारण खफा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफ्रीकियों-अमेरिकियों से जुड़ी गोलीबारियों के मद्देनजर कहा कि अमेरिका ‘उतना भी विभाजित नहीं है, जितना कि कुछ लोगों का मानना है।’
ओबामा ने कहा, “डलास में हुई हत्याओं को लेकर सभी जातियों, सभी पृष्ठभूमि के लोग नाराज थे, जिनमें विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग भी शामिल थे।”
जॉनसन ‘यूएस आर्मी रिजर्व’ का सैनिक था, जो अफगानिस्तान में अपनी सेवा दे चुका था।
डलास के उपनगर मेस्क्वोइट में स्थित उसके घर से बम बनाने की सामग्री, राइफलें और एक जंगी पत्रिका बरामद हुए थे।
मिनेसोटा और लुइसियाना में हुई मौतों के बाद से अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस अधिकारी और नागरिक शामिल थे।
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