अहमदाबाद, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। केन्या को मंगलवार को कबड्डी विश्व कप में अपना अब तक का सबसे अहम मुकाबला खेलना है, लेकिन साथ ही उसे काफी हद तक किस्मत के भरोसे पर भी रहना होगा।
अहमदाबाद, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। केन्या को मंगलवार को कबड्डी विश्व कप में अपना अब तक का सबसे अहम मुकाबला खेलना है, लेकिन साथ ही उसे काफी हद तक किस्मत के भरोसे पर भी रहना होगा।
अगर सारे समीकरण साथ रहे तो फिर यह अफ्रीकी टीम सबको चौंकाते हुए विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लेगी।
केन्या को ग्रुप-बी के अपने अंतिम मैच में अमेरिका से भिड़ना है। यह मैच केन्या जीत सकता है, लेकिन उसे इस बात का इंतजार करना होगा कि बुधवार को जापान की टीम थाईलैंड को सात से अधिक अंकों के अंतर से हरा पाती है या नहीं। अगर ऐसा हुआ तो फिर केन्या और जापान के 16-16 अंक हो जाएंगे। ऐसे में केन्या की टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि उसने ग्रुप मुकाबले में जापान को हराया था।
जापान को हराकर ही केन्या की टीम ने अपने लिए सेमीफाइनल के दरवाजे खोले थे। अपने पहले मैच में पोलैंड को 54-48 के अंतर से हराकर शानदार शुरुआत करने वाली केन्याई टीम बाद में ईरान और थाईलैंड के हाथों हार गई थी, लेकिन रविवार को द एरेना बाय ट्रांसस्टेडिया में जापान को हराकर उसने अपने लिए संभावनाएं पैदा कर ली हैं।
अब इन संभावनाओं को भुनाने के लिए टीम किस तरह से तैयार है। इसकी पड़ताल करते हुए आईएएनएस ने केन्या के कप्तान डेविड सिलिसा मोसामबाई से बात की। लंबे कद और एथलेटिक शरीर के मालिक डेविड ने कहा, “सबसे पहले मैं अपने साथियों और चाहने वालों को धन्यवाद देना चाहता हूं। हमने अब तक जो किया है, उस पर हमें गर्व है। हम अगले मैच में हर हाल में जीतना चाहते हैं। हम जानते हैं कि अपनी ओर से हम यही कर सकते हैं और बाकी का काम किस्मत करेगी। अगर हमारी किस्मत सही रही तो फिर जापान अपने अगले मैच में थाईलैंड को हरा देगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो भी हम खुशी से स्वदेश लौटेंगे।”
केन्या की टीम पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा ले रही है। डेविड को खुशी है कि मंगलवार और बुधवार को होने वाले मैचों का परिणाम चाहे कुछ भी रहे लेकिन एक टीम के तौर पर हमने अपने पहले प्रयास में जो कुछ हासिल किया है, उससे हमारे लिए कई तरह के रास्ते खुलने वाले हैं।
डेविड ने कहा, “हमारी टीम ने पहले ही प्रयास में काफी कुछ हासिल कर लिया है। हमे कई तरफ से बधाइयां मिल रही हैं और इसकी हमें खुशी है। अब हमें उम्मीद है कि स्वदेश लौटने पर हमारे लिए कई तरह के रास्ते खुलेंगे। हम विश्व कप के बाद लगातार खेलते रहना चाहते हैं क्योंकि इस खेल ने हमें काफी मान और सम्मान दिया है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि मेरे देश की भी यही स्थिति है।”
तो फिर केन्या की टीम अपने अंतिम ग्रुप मैच में अमेरिका को हराने के लिए तैयार है। उसके लिए यह काम मुश्किल नहीं होना चाहिए क्योंकि अमेरिका का अब तक खाता भी नहीं खुल सका है और केन्या की टीम मैच दर मैच सुधार कर रही है।
जापान के खिलाफ केन्या के जेम्स ओबीलो ने किसी एक मैच में सर्वाधिक चार सुपर टैकल का रिकार्ड अपने नाम किया। ओबीलो ही नहीं, सबसे अधिक सुपर टैकल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में केन्या के तीन अन्य खिलाड़ी भी शामिल हैं। ओधयांबो हागाई, इसायू ओटिएनो ने तीन-तीन सुपर टैकल किए हैं जबकि इल्फास ओटिएनो ने अब तक दो सुपर टैकल अपने नाम किए हैं।
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