तेहरान, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति को यह बात याद रखनी चाहिए कि ईरान न तो क्यूबा है और न ही पूर्व सोवियत रूस।
सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार शुक्रवार को हेसामोद्दीन अशेना ने कहा, “ईरान में न फिदेल और राउल (कास्त्रो) न (मिखाइल) गोर्वाचोव और न ही (बोरिस) येल्तसिन हैं।”
अशेना ने कहा कि अमेरिका द्वारा शीत युद्ध की रणनीति अपनाने व सैन्य साजोसामान के लिए वित्तीय रूप से मजबूर करने के कारण सोवियत संघ टूटा।
उन्होंने कहा कि हम अपने सर्वोच्च नेता का शुक्रिया अदा करते हैं। ईरान अपने नेताओं के दिमाग में चल रही योजनाओं में किसी प्रकार का परिवर्तन करने की मंजूरी नहीं देने जा रहा और वह दुश्मन को अपने नेताओं की इच्छाशक्ति पर हावी नहीं होने देगा।
उन्होंने कहा, “ओबामा शीत युद्ध के अवशेषों को नवंबर से पहले न केवल क्यूबा में, बल्कि मध्यपूर्व में खत्म कर सकते हैं।”
अशेना ने कहा, “कार्टर (जिमी) के कार्यकाल से ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ईरान की मजबूती की छाया रही है।”
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