नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। थैलस फाउंडेशन ओर जियोहैजर्डस (जीएचएस) ने बुधवार को एक अनोखा स्कूल सेफ्टी मोबाइल एप लांच किया, जिसमें स्कूल प्रबंधकों को स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान (एसडीएमपी) बनाना होगा।
यह एप पायलट परीक्षण के तौर पर हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला के स्कूलों, बिहार स्थित पटना और मिजोरम स्थित आईजोल के स्कूलों में चलाया जा रहा है।
यह मोबाइल एप्लिकेशन जीएचएस द्वारा चलाई जा रही परियोजना के अधीन विकसित किया गया है, जिसे थैलस फांउडेशन द्वारा समर्थन दिया जा रहा है। इस परियोजना की शुरुआत साल 2016 के जुलाई में जीएचएस और भारत में थैलस की कार्यकर्ता चारू पांडेय द्वारा की गई थी।
थैलस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत) क्रिस्टोफर हैम्फ्री ने कहा, “जियो हैजर्डस सोसाइटी की इस अहम परियोजना को हम समर्थन देते रहेंगें, जिसमें स्कूल सेफ्टी मोबाइल एप को विकसित करना भी शामिल है। यह प्रयास हमारे उस मिशन को भी मजबूती देगा जिससे की अभिनवता और नई तकनीकों के साथ हम इस दुनिया को ओर अधिक सुरक्षित बना सकें।”
जियो हैजर्डस सोसाइटी के अध्यक्ष हरि कुमार ने बताया, “हम थैलस द्वारा इस परियोजना के लिए दी जा रही मदद के लिए आभार व्यक्त करते हैं। देश में आपदा प्रबंधन के दौरान इस एप द्वारा स्कूल की सुरक्षा की दिशा बदल जायेगी। इस एप की स्कूल को काफी अरसे से आवश्यकता रही है यह काफी कारगर सिद्व होगा।”
इस एप में विभिन्न मोड्यूल्स है जिसमें स्कूल प्रोफाइल, स्कूल को होने वाले जोखिम, उन जोखिमों की पहचान, अन्य लोगों के साथ आपदा प्रबंधन दल का गठन, गाइडेंस आदि शामिल है। यदि एक बार डाटा पूरा हो जाये तो यूजर अपना डिजास्टर प्रीप्रेडनेस प्लान को पीडीएफ फाईल बना कर ईमेल या ब्लूटूथ या व्हाट्सएप आदि के माध्यम से जेनरेट और शेयर कर सकते है ।
dharmpath.com dharmpath