नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। किफायती विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने सोमवार को कहा कि किराया भुगतान मुद्दे पर उसका विमानों के एक मालिक से समझौता हो गया है।
विमानन कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “समझौते के तहत विमान मालिक अदालत से मामला वापस लेने और विमान का पंजीकरण समाप्त करने की प्रक्रिया को रोकने के लिए तैयार हो गया है, बशर्ते स्पाइसजेट समझौते की शर्तो को पूरा करे।”
यह समझौता डबलिन की कंपनी विलमिंग्टन ट्रस्ट एसपी सर्विसिस के साथ हुआ है, जिनके विमानों का संचालन स्पाइसजेट कर रही है।
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने गत सप्ताह स्पाइसजेट को किराए पर दिए गए छह विमानों का पंजीकरण समाप्त करने का आदेश दिया था। अदालत ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी दो सप्ताह के भीतर विमान आयरलैंड की कंपनियों को भेजने के बारे में निर्णय लेने के लिए कहा था।
अदालत का यह आदेश किराए पर विमान देने वाली डबिलन की दो कंपनियों -एडब्ल्यूएएस आयरलैंड और विलमिंग्टन ट्रस्ट एसपी सर्विर्सिस- की याचिका पर आया था। कंपनियों ने मांग की थी कि उनके द्वारा स्पाइसजेट को दिए गए विमानों का पंजीकरण समाप्त किया जाए, क्योंकि स्पाइसजेट ने बकाए का भुगतान नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि स्पाइसजेट के संस्थापक और पूर्व मालिक अजय सिंह तथा उनके सहयोगियों ने स्पाइसजेट की 53.5 फीसदी हिस्सेदारी सन समूह के मालिक मारन परिवार से वापस खरीद ली है, जिन्हें सिंह ने पहले यह हिस्सेदारी बेच दी थी।
सिंह और उनके साथियों ने इस महीने के शुरू में कंपनी के एक करोड़ डॉलर बकाए का भुगतान किया है। विमानन कंपनी ने कहा था कि किराए पर विमान देने वाली कंपनियों के साथ बचा हुआ बकाया भी जल्द ही निपटा दिया जाएगा।
स्पाइसजेट के शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 1.17 फीसदी तेजी के साथ 21.70 रुपये पर बंद हुए।
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