नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। आम बजट में प्रस्तावित दूरसंचार स्पेक्ट्रम पर कर लगाने के प्रावधान से सीधे आम जनता प्रभावित होगी। यह बात यहां एक उद्योग संघ ने कही।
दूरसंचार उद्योग का प्रतिनिधि संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने वित्तमंत्री अरुण जेटली को सोमवार को लिखे गए अपने एक पत्र में कहा है, “इससे सेवा के प्रावधान की लागत बढ़ेगी और यह आम आदमी को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।”
सीओएआई के महानिदेशक राजन एस. मैथ्यूज द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा आवंटित सभी स्पेक्ट्रमों और लाइसेंस धारकों द्वारा किए जाने वाले स्पेक्ट्रम व्यापार पर 15 फीसदी कर लगाने के प्रस्ताव का असर सीधे उद्योग, राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्राहकों के लिए सेवा की कीमत पर पड़ेगा।
पत्र में कहा गया है, “पूरी दुनिया में संप्रभु कार्यक्रमों पर कर नहीं लगाया जाता है, क्योंकि उन्हें वित्तीय गतिविधि नहीं माना जाता है।”
पत्र के मुताबिक, “स्पेक्ट्रम की कीमत बढ़ाने वाला यह कदम उद्योग के स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा और दूरसंचार कंपनियों के निवेश योग्य कोष पर विपरीत प्रभाव डालेगा, जिससे नई प्रौद्योगिकी और 3जी/4जी नेटवर्क के प्रसार में परेशानी आएगी।”
सीओएआई ने कहा, “यही नहीं, इससे कंपनियों की भविष्य में नीलामी में भाग लेने की क्षमता प्रभावित होगी और कुछ कंपनियों के लिए तो खुद के अस्तित्व का संकट भी पैदा हो सकता है।”
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