संवाददाता सम्मेलन से पहले इस पायलट ने एड्रियाटिक सागर के स्लोवेनियाई तट पर छोटे से अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से अपने गतिशील डब्ल्यूटी 9 अल्ट्रालाइट विमान से एक सलामी उड़ान भी भरी।
माटेव्ज एक पर्वतारोही भी हैं, जिन्होंने संवाददाताओं को बताया, “इन 13 मंजिलों को पूरा करना सुखद अहसास रहा।”
दुनिया का 42,000 किलोमीटर का सफर करने के बाद वह थके लेकिन जोशोरोश से लबरेज दिखे।
उन्होंने बताया कि वह अपने चौथे सफर में चीन और रूस का चक्कर लगाएंगे। यह एकल उड़ान 2018 में होगी।
माटेव्ज ने 25 मार्च को पोटरेरोज से एक अल्ट्रालाइट विमान से तीसरी एकल उड़ान की शुरुआत की थी। इस उड़ान का उद्देश्य एक प्रमुख प्रदूषण कारक और जलवायु परिवर्तन की दूसरी प्रमुख वजह ब्लैक कार्बन के बारे में जानकारी एकत्रित करना तथा उसके स्तरों को मापना था।
शोधार्थी ग्रीसा मोनिक ने कहा, “इस उड़ान के दौरान हमने पाया कि कुछ स्थानों पर ब्लैक कार्बन का स्तर काफी अधिक था। इनमें अधिकतर विकासशील और अविकसित क्षेत्र थे, जहां ब्लैक कार्बन प्रतिबंधित नहीं है।”
dharmpath.com dharmpath