द हेग, 2 मई (आईएएनएस)। भारत के दो मछुआरों की हत्या के आरोपी इटली के दो नौसैनिकों में से एक सल्वाटोर गिरोने स्वेदश लौट सकेगा, बशर्ते कि इस मामले की मध्यस्थता प्रक्रिया की खबर सच हो।
मामले की सुनवाई कर रहे हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने गिरोने की स्वदेश वापसी पर मुहर लगा दी है। इटली ने इसके लिए न्यायाधिकरण से गुहार लगाई थी।
सूत्रों का कहना है कि यह आदेश मंगलवार को औपचारिक रूप से सार्वजनिक किया जाएगा, लेकिन रोम में इटली के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ही इसकी पुष्टि कर दी है।
न्यायाधिकरण ने दोनों पक्षों से नौसैनिक के घर लौटने की प्रक्रिया पर सहमति बनाने को कहा है।
गिरोने और इटली के एक अन्य नौसैनिक मैस्सीमिलानो लाटोरे पर भारत सरकार ने अपने दो मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया है। 2012 में समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान में इटली के इन नौसैनिकों द्वारा चलाई गई गोली से दोनों मछुआरों की मौत हुई थी।
गिरोने के पिता माइकल ने कहा, “अगर खबर सही है तो मैं अत्यंत खुश हूं।”
इटली का कहना है कि नौसैनिकों को छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि वे एक मिशन पर थे। साथ ही मामला भारत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, क्योंकि घटना इसकी सामुद्रिक सीमा से बाहर हुई थी।
भारत में मामले को निपटाने में देरी की बात उठाकर इटली इसे अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण में ले गया।
लटोरे को 2014 में दिल का दौरा पड़ने के बाद भारत ने इटली जाने की इजाजत दे दी थी।
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