जुमा ने कहा, “अंतर-मंत्रालय कमेटी के सदस्यों द्वारा इस संबंध में सौंपे गए सबूत भी निराधार हैं।”
जुमा ने कहा कि जांच आयोग ने अपने निष्कर्ष में कहा है कि विचारार्थ विषय पर उसके समक्ष पेश किए गए सीधे और विश्वसनीय सबूतों के सामने किसी अनुमान या परस्पर-विरोधी बातों का कोई औचित्य नहीं बनता।
सामरिक रक्षा खरीद पैकेज में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व अनियमितता के आरोपों को लेकर जांच आयोग की रिपोर्ट जारी करने के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।
सामरिक रक्षा खरीद पैकेज पर आरोपों को लेकर जुमा कई वर्षो से परेशान थे। उन्होंने साल 1990 में हुए इस सौदे की जांच के लिए साल 2011 में एक जांच आयोग का गठन किया था। सौदे के वक्त थाबो मबेकी उप राष्ट्रपति थे, जो बाद में राष्ट्रपति बने।
प्रारंभ में अनुमानित तौर पर 30 लाख डॉलर के हथियार सौदा के बारे में माना जा रहा है कि अब यह अरबों डॉलर में पहुंच गया है। सौदे के तहत सेना के लिए यूरोप से सैन्य उपकरणों को खरीदा जाएगा।
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